NHPC signs MOA with IIT(ISM), Dhanbad

Sarkaritel
By Sarkaritel December 3, 2019 16:45


A Memorandum of Agreement (MoA) for R&D Works was signed between NHPC and IIT(ISM) Dhanbad on 27.11.2019 in the august presence of Shri Janardan Choudhary, Director (Technical), NHPC and Prof. Rajiv Shekhar, Director, IIT(ISM) Dhanbad. Shri Gobinda Baidya, Executive Director (R&D) and Prof. Shalivahan, Dean (R&D) signed the MOA on behalf of NHPC and IIT(ISM) Dhanbad respectively. Under the scope of the agreement IIT(ISM) Dhanbad would provide Research and Development and Consultancy services within its expertise to NHPC.

Speaking about this collaboration, Shri. Janardan Choudhary, Director (Technical), NHPC emphasise the need of the industry-academia collaboration to derive maximum benefits for mutual growth. NHPC, India’s premier hydropower company is providing balancing requirement of the grid, through both base as well as peak power supply. With the proposed large scale integration of the renewable energy in the system, the requirement of hydropower would further increase as it provides stability to the grid. He further added that NHPC in its plants is also facing problem of erosion in turbine parts and also issues related to silt handling, where collaborative research can be of use to NHPC.

On this occasion Shri Rajeev Shekhar, Director (IIT-ISM) Dhanbad elaborated the technology and policy vision adopted in the area of mining by IIT – ISM and suggested that similar approach may also be adopted in hydropower sector. Further he showed interest in setting up of the team for the power flow analysis.


एनएचपीसी ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के साथ करार ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

एनएचपीसी, भारत की अग्रणी जलविद्युत कंपनी ने 27.11.2019 को आईआईटी (आईएसएम), धनबाद के साथ अनुसंधान व विकास कार्यों के लिए श्री जनार्दन चौधरी, निदेशक (तकनीकी), एनएचपीसी एवं  प्रो. राजीव शेखर, निदेशक, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की गरिमामयी उपस्थिति में करार ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए।  एनएचपीसी की ओर से श्री गोबिंद वैद्य, कार्यपालक निदेशक (आरएंडडी), एनएचपीसी और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की ओर से प्रोफेसर लिवाहन, डीन (आरएंडडी), आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने इस करार ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, एनएचपीसी को अपनी विशेषज्ञता के अंतर्गत अनुसंधान और विकास तथा परामर्श सेवाएं प्रदान करेगा।

इस अवसर पर बोलते हुए,  श्री जनार्दन चौधरी, निदेशक (तकनीकी), एनएचपीसी ने आपसी विकास के अंतर्गत अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए उद्योग-अकादमिक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत की अग्रणी जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी, बेस और पीक पॉवर आपूर्ति, दोनों के माध्यम से ग्रिड के संतुलन हेतु आवश्यकता उपलब्ध करवा रही है। सिस्टम में अक्षय ऊर्जा के प्रस्तावित बड़े पैमाने पर एकीकरण के पश्चात, जलविद्युत की आवश्यकता और बढ़ जाएगी क्योंकि यह ग्रिड को स्थिरता प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि एनएचपीसी अपने संयंत्रों के टरबाइन भागों में क्षरणता की समस्या का भी सामना कर रही है और गाद से संबन्धित समस्याओं से निपटने के लिए सहयोगात्मक अनुसंधान एनएचपीसी के लिए उपयोगी हो सकता है।

इस अवसर पर श्री राजीव शेखर, निदेशक आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने आईआईटी-आईएसएम द्वारा खनन के क्षेत्र में अपनाई गई तकनीक और नीतिगत दृष्टि को विस्तृत किया और सुझाव दिया कि इसी तरह का दृष्टिकोण जलविद्युत क्षेत्र में भी अपनाया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने पावर फ्लो एनालिसिस के लिए टीम की स्थापना में रुचि दिखाई।

Sarkaritel
By Sarkaritel December 3, 2019 16:45