Ujjwal Bharat, Ujjwal Bhavishya – Bijli Mahotsav

Sarkaritel
By Sarkaritel July 31, 2022 17:05


Faridabad, July 31: As part of ‘Azadi Ka Amrit Mahotsav’ – to celebrate 75 years of India’s Independence, the Ministry of Power and New & Renewable Energy are organizing ‘Bijli Mahotsav’ across all districts of India under the umbrella of Ujjwal Bharat Ujjwal Bhavishya – Power @ 2047 through active public participation and driven by the collaboration of the state and the Central Governments. Key achievements done in Power Sector in the last 8 years are being highlighted through these events.

Bijli Mahotsav kickstarted on 25th Jul-22 across various Districts in the country. Over the last few days more than 1500+ events/ activities were organized at district level in coordination with District administration and was attended by Hon’ble Union Ministers, MPs, State Ministers, and MLAs among other dignitaries in large numbers.

The grand finale of Ujjwal Bharat Ujjwal Bhavishya was organized on 30th July 2022. This was a National level celebration attended by the Prime Minister of India, Narendra Modi, who addressed the participants and beneficiaries from over 100 districts across the country through virtual mode. The event was attended by 11 Hon’ble Chief Ministers, 5  Union Minister, 3 Deputy Chief Minister, 3 Lt Governors, 27 State Minister and 81 other dignitaries. A.K. Singh, CMD, NHPC participated in the event from Anantnag (J&K). During the event, PM also interacted with the beneficiaries of various schemes in the Power Sector rolled out by the Government of India, across 5 districts.

The Prime Minister also launched the Ministry of Power’s flagship Revamped Distribution Sector Scheme which is aimed at improving the operational efficiencies and financial sustainability of Distribution Companies. With an outlay of Rs.3,03,758 crore over a period of five years from FY 2021-22 to FY 2025-26, the scheme aims to provide financial assistance to DISCOMs for modernization and strengthening of distribution infrastructure, aiming at improvement of the reliability and quality of supply to end consumers. It is also proposed to provide 25 crore Smart Prepaid meters to consumers all over the country.

The PM also launched the national portal for Rooftop solar, which will enable online tracking of the process of installation of rooftop solar plants, starting from registering the applications to release of subsidy in residential consumers’ (‘beneficiaries’) bank account after installation and inspection of the plant. The estimated capacity under the national solar rooftop program is 4000 MW. This will be a major step towards realizing the solar rooftop potential of the nation and will contribute towards India’s target to produce 500 GW energy through non-fossil fuels committed in COP-26.

The Prime Minister also dedicated 2 floating solar power projects 100MW Ramagundam in Telangana and 92MW Kayamkulam in Kerala which are the 2 largest such floating solar plants with more than 7.5 lakh ‘Made in India’ Solar Modules floating on water. Hon’ble Prime Minister also laid foundation stone for three key green energy projects of NTPC- 735 MW Nokh Solar Project in Rajasthan, Green Hydrogen Mobility Project in Leh and Kawas Helium Blending with Natural Gas project in Gujarat. The Green Hydrogen Mobility Project is the first deployment of Fuel Cell Electric Vehicles (FCEV) for public use in India. All these 5 projects are estimated to be Rs 5000 Crores.

NHPC Limited organized various programmes under Ujjwal Bharat Ujjwal Bhavishya – Power @ 2047 in 74 districts of the Union Territory of Jammu and Kashmir, Union Territory of Ladakh, Madhya Pradesh, Sikkim, Manipur and Arunachal Pradesh. In these programmes, short films showcasing the achievements of the last eight years of the power sector, street plays, exhibitions showing the progress of the power sector and cultural programs were organized. The local public representatives and people as well as students actively participated in these events.


उज्जवल भारत उज्जवल भविष्य- बिजली महोत्सव

 आज़ादी का अमृत महोत्सव- स्वतंत्रता के 75वें वर्षगाँठ को मनाने हेतु विद्युत् मंत्रालय, भारत सरकार तथा नवीन एवं नवीकरणीय उर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 25 जुलाई 2022 से बिजली महोत्सव: उज्जवल भारत उज्जवल भविष्य- उर्जा@2047 से सम्बंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन देशभर के जिलों में किया गया। इन जिलों में केंद्र एवं राज्य सरकारों की विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से ऊर्जा क्षेत्र के पिछले आठ वर्षों की उपलब्धियों को जनभागीदारी के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया।

इस दौरान देश के विभिन्न जिलों में 1500 से अधिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया। इन कार्यक्रमों और गतिविधियों में माननीय केन्द्रीय मंत्री, माननीय सांसद, राज्यों के मंत्री, माननीय विधायकगण  एवं अन्य गणमान्य व्याक्तियों ने भाग लिया।

बिजली महोत्सव: उज्जवल भारत उज्जवल भविष्य- उर्जा@2047 का भव्य समापन समारोह दिनांक 30 जुलाई 2022 को विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इस समापन समारोह में माननीय प्रधानमंत्री जी ने विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 100 से अधिक जिलों से जुड़े लोगों को संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान माननीय प्रधानमंत्री जी ने विद्युत् मंत्रालय,भारत सरकार  के विभिन्न योजनाओं के 05 जिलों के लाभार्थियों से चर्चा भी की। कार्यक्रम में विडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से 11 राज्यों के माननीय मुख्यमंत्री, 05 माननीय केन्द्रीय मंत्री, 03 माननीय उप मुख्यमंत्री, 03 माननीय उप राज्यपाल, 27 राज्यमंत्री तथा 81 अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। श्री ए.के. सिंह, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने अनंतनाग (केंद्र शासित प्रदेश जम्मू व कश्मीर) से इस कार्यक्रम में भाग लिया।

माननीय प्रधानमंत्री जी ने विद्युत मंत्रालय की प्रमुख पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना का भी शुभारंभ किया जिसका उद्देश्य विद्युत वितरण कंपनियों की परिचालन क्षमता और वित्तीय स्थिरता में सुधार करना है। वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 तक पांच वर्षों की अवधि में 3,03,758 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इस योजना का उद्देश्य वितरण बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इसका उद्देश्य वितरण की विश्वसनीयता और अंतिम उपभोक्ता तक आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार करना है। इस योजना में पूरे देश में उपभोक्ताओं को 25 करोड़ स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है।

इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने रूफटॉप सोलर के लिए राष्ट्रीय पोर्टल भी लॉन्च किया जो रूफटॉप सोलर प्लांट्स की स्थापना की प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग, आवेदनों को पंजीकृत करने, आवासीय उपभोक्ताओं (‘लाभार्थियों’) के बैंक खाते में स्थापना और निरीक्षण के बाद सब्सिडी जारी करने तक का कार्य करेगा। नेशनल रूफटॉप सोलर कार्यक्रम के तहत अनुमानित क्षमता 4000 मेगावाट है। यह राष्ट्र की रूफटॉप सोलर क्षमता को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा और COP-26 में प्रतिबद्ध गैर-जीवाश्म ईंधन के माध्यम से 500 GW ऊर्जा का उत्पादन करने के भारत के लक्ष्य में योगदान देगा।

माननीय प्रधानमंत्री जी ने तेलंगाना में 100 मेगावाट रामागुंडम और केरल में 92 मेगावाट कायमकुलम में 2 फ्लोटिंग सौर ऊर्जा परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित किया जो 7.5 लाख से अधिक ‘मेड इन इंडिया’ सौर मॉड्यूल का दूसरा सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर संयंत्र हैं। माननीय प्रधान मंत्री ने एनटीपीसी की तीन प्रमुख हरित ऊर्जा परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी- राजस्थान में 735 मेगावाट की नोख सौर परियोजना, लेह में ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी परियोजना और गुजरात में प्राकृतिक गैस के साथ कावास हीलियम सम्मिश्रण परियोजना। ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी प्रोजेक्ट भारत में सार्वजनिक उपयोग के लिए फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FCEV) की पहली तैनाती है। इन सभी 5 परियोजनाओं की अनुमानित लागत 5000 करोड़ रुपये है।

एनएचपीसी लिमिटेड द्वारा केंद्र शासित प्रदेश जम्मू व कश्मीर, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, मध्य प्रदेश, सिक्किम, मणिपुर व अरुणाचल प्रदेश के 74 जिलों में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इन कार्यक्रमों में विद्युत क्षेत्र के पिछले आठ वर्षों की उपलब्धियों को दर्शाती लघु फिल्मों का प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक का मंचन, विद्युत क्षेत्र की प्रगति को दर्शाती प्रदर्शनी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में स्थानीय जन-प्रतिनिधि एवं स्थानीय जनता के साथ-साथ स्थानीय विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

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By Sarkaritel July 31, 2022 17:05