नई दिल्ली, 28 मई 2021: आरईसी लिमिटेड के निदेशक मंडल द्वारा आज वित्तीय वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही और 12 महीने के लेखापरीक्षित स्टैण्डअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणामों को जारी कर दिया गया है।
प्रमुख प्रचालन एवं वित्तीय बिंदु- वित्तीय वर्ष 2019-20 और वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना (स्टैंडअलोन)
संस्वीकृति- 1,10,908 करोड़ रूपए से बढ़कर 1,54,821 करोड़ रूपए, 40% की वृद्धि
संवितरण – 75,667 करोड़ रूपए से बढ़कर 92,987 करोड़ रूपए, 23% की वृद्धि
कुल आय- 29,829 करोड़ रूपए से बढ़कर 35,410 करोड़ रूपए, 19% की वृद्धि
निवल लाभ- 4,886 करोड़ रूपए से बढ़कर 8,362 करोड़ रूपए, 71% की वृद्धि
प्रचालन संबंधी मजबूत प्रदर्शन के साथ तिमाही के दौरान, कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2019-20 की चौथी तिमाही के 436 करोड़ रूपए की तुलना में वित्तीय वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही में 2,070 करोड़ रूपए का तिमाही लाभ दर्ज किया है। इससे कंपनी ने 31 मार्च 2020 को समाप्त तिमाही के 2.21 रूपए प्रति शेयर की तुलना में 31 मार्च 2021 को समाप्त तिमाही के लिए 10.48 रूपए प्रति शेयर कमाई (ईपीएस) (अवार्षिकीकृत) दर्ज की है।
कंपनी की लोन बुक 31 मार्च, 2020 के 3.22 लाख करोड़ रूपए से बढ़कर 31 मार्च, 2021 को 3.77 लाख करोड़ रूपए हो गई है। लाभ के जुड़ने से 31 मार्च, 2021 को, 220 रूपए प्रति शेयर बुक वैल्यू के साथ कंपनी का निवल मूल्य बढ़कर 43,426 करोड़ रूपए हो गया है। कंपनी के कैपिटल एडिक्वेसी अनुपात में भी इसी रूप में सुधार हुआ है और यह 31 मार्च, 2021 को 19.72 प्रतिशत हो गया है, जिससे कंपनी की वृद्धि की रफ्तार आगे भी बनी रहगी।
एसेट क्वालिटी में निरंतर सुधार के ट्रेंड के साथ नेट क्रेडिट-इंपेयर्ड एसेट्स 31 मार्च, 2020 के 3.32% की तुलना में घटकर 31 मार्च, 2021 को 1.71% हो गए हैं। कंपनी का प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो भी 31 मार्च 2020 के 49.65% की तुलना में सुधरकर 31 मार्च, 2021 को 64.59% हो गया है।
