NHPC commissions 330 MW Kishanganga Hydroelectric Project, Jammu & Kashmir

Sarkaritel
By Sarkaritel April 2, 2018 09:32


The third unit (110MW) of the Kishanganga Hydroelectric Project (3 x 110MW) of NHPC at Bandipora, Jammu & Kashmir has been successfully synchronised with the grid and has also achieved its rated full load successfully at 23:58 Hrs on 30.03.2018. This marks the commissioning of all three units of Kishanganga Project, as the first and second units have already been commissioned on 13th March and 21st March 2018 respectively. 

The Kishanganga project envisages diversion of water of Kishanganga River to underground Power House through 23.25 KM long Head Race Tunnel to generate 1713 million units per annum. The Project is covered under the Indus Waters Treaty signed between India and Pakistan. Apart from the many states which would be the project’s energy beneficiaries, 12% free power generated from the project shall be provided to the state of Jammu & Kashmir. The NHPC team achieved this milestone with their relentless hard work and dedication. The cooperation of the local community near project vicinity, district & state administration and other stake holders was instrumental in completing the project.  


एनएचपीसी ने जम्मू व कश्मीर में 330 मेगावाट की किशनगंगा जलविद्युत परियोजना को संचालित किया

जम्मू व कश्मीर के बांदीपोरा में स्थित एनएचपीसी की किशनगंगा जलविद्युत परियोजना (3×110 मेगावाट) की तीसरी इकाई (110 मेगावाट) को 30 मार्च 2018 रात्रि 11:58 बजे ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रनाइज़ कर दिया गया । इस इकाई ने अपने रेटेड फुल लोड को भी सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है । इसी के साथ किशनगंगा परियोजना के तीनों इकाईयां कमीशन कर दी गई हैं ।  इससे पूर्व पहली और दूसरी इकाई को क्रमशः13 मार्च और 21 मार्च 2018 को कमीशन कर दिया गया है ।

 

किशनगंगा परियोजना की परिकल्पना किशनगंगा नदी के पानी को 23.25 किलोमीटर लंबी हेड रेस टनल के माध्यम से परिवर्तित कर भूमिगत पावर हाउस से प्रति वर्ष 1713 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन करने के लिए किया गया । परियोजना भारत और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षरित सिंधु जल समझौते के अंतर्गत आती है । परियोजना द्वारा लाभान्वित होने वाले कई राज्यों के अतिरिक्त परियोजना द्वारा उत्पादित विद्युत का 12% जम्मू व कश्मीर को राज्य को मुफ्त प्रदान किया जाएगा । एनएचपीसी टीम ने सतत प्रयास, कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ इस मील के पत्थर  को हासिल किया । स्थानीय समुदाय, जिला और राज्य प्रशासन और अन्य हितधारकों से प्राप्त सहयोग परियोजना को पूरा करने में सहायक रहे।

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By Sarkaritel April 2, 2018 09:32