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GAIL, “K” LINE and J M Baxi Move Toward Equity Partnership in Shipping Venture

GAIL, “K” LINE and J M Baxi Move Toward Equity Partnership in Shipping Venture

New Delhi, January 29, 2026: GAIL (India) Limited, along with Kawasaki Kisen Kaisha, Ltd. (“K” LINE), and J M Baxi Marine Services, has entered into a Term Sheet for equity participation in a ship-owning company based in Singapore, witnessed by the Hon’ble Minister for Petroleum and Natural Gas, Hardeep Singh Puri.

GAIL has also arranged a long-term charter for an LNG vessel, set to begin in 2027, which is currently being constructed in a Korean shipyard. The investment will occur through GAIL Global IFSC Limited, contingent on approval from DIPAM.

GAIL’s Chairman & Managing Director, Sandeep Kumar Gupta, emphasized the strategic benefits of owning a stake in the shipping company while acting as a charterer, which aids in aligning with Prime Minister’s “Aatmanirbhar Bharat” vision in the shipping industry.

Satoshi Kanamori of “K” LINE highlighted that the partnership aims to leverage the strengths of the three companies to enhance LNG shipping for India, while Dhruv Kotak from J M Baxi Group expressed that this collaboration represents a pivotal move towards clean energy transportation and a commitment to resilient, sustainable supply chains that align with India’s transition to clean energy and responsible growth.


गेल, “के” लाइन और जेएम बक्सी मेरीन सर्विसेज ने शिपिंग कंपनी में इक्विटी के लिए टर्म शीट पर हस्ताक्षर किया

नई दिल्ली, 29 जनवरी, 2026: देश की अग्रणी प्राकृतिक गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड, कावासाकी किसेन कैशा लिमिटेड (“K” LINE), और जेएम बक्सी मेरीन सर्विसेज ने सिंगापुर में स्थापित शिप-ओनिंग कंपनी में इक्विटी भागीदारी के लिए एक टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए हैं। श्री हरदीप सिंह पुरी, माननीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, भारत सरकार की उपस्थिति में टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए गए।

गेल ने 2027 से शिप-ओनिंग कंपनी के साथ एक दीर्घकालिक चार्टर पर हस्ताक्षर किए हैं। एलएनजी वेज़ल वर्तमान में कोरियाई शिपयार्ड में निर्माणाधीन है। शिप-ओनिंग कंपनी में गेल का निवेश, दीपम के अनुमोदन के अधीन, इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी – गेल ग्लोबल आईएफएससी लिमिटेड के माध्यम से नियोजित है, जो गिफ्ट सिटी, गुजरात में पंजीकृत है।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, गेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री संदीप कुमार गुप्ता ने कहा कि “एक चार्टरर के रूप में भी काम करते हुए एक शिपिंग कंपनी में इक्विटी लेना हितों का एक रणनीतिक संरेखण है। इस इक्विटी निवेश के साथ, गेल के पास प्रतिष्ठित जापानी कंपनियों के साथ साझेदारी में दो एलएनजी शिप में स्वामित्व होगा। भारतीय कंपनियों द्वारा शिपों का स्वामित्व बढ़ाना शिपिंग क्षेत्र में माननीय प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न को प्राप्त करने की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम है।

साझेदारी की स्थापना पर, “के” लाइन के वरिष्ठ मैनेजिंग कॉर्पोरेट अधिकारी सातोशी कानामोरी ने कहा कि “यह साझेदारी भारत के लिए एक मज़बूत और स्थायी एलएनजी शिपिंग प्लेटफॉर्म बनाने के लिए तीन विश्वसनीय कंपनियों की पूरक शक्तियों को एक साथ लाती है। “के” लाइन सभी हितधारकों के लिए विश्वसनीय ऊर्जा वितरण और दीर्घकालिक मूल्य का समर्थन करने के लिए हमारी संरक्षा संस्कृति, तकनीकी विशेषज्ञता और प्रचालन उत्कृष्टता का योगदान देना जारी रखेगा ।

जेएम बक्सी ग्रुप के ध्रुव कोटक ने कहा कि “स्वच्छ ऊर्जा परिवहन में हमारा प्रवेश भारतीय समुद्री और लॉजिस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य के लिए जेएम बक्सी समूह के दीर्घकालिक विज़न में एक निर्णायक कदम है। गेल और हमारे दीर्घकालिक सहयोगी “के” लाइन के साथ साझेदारी करना, माननीय प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के विज़न और भारत के स्वच्छ-ऊर्जा परिवर्तन का समर्थन करने वाली सुदृढ़, स्थायी आपूर्ति

श्रृंखलाओं के निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। यह पहल हमारे विश्वास को दर्शाती है कि उत्तरदायित्वपूर्ण विकास और पर्यावरण प्रबंधन में सामांजस्य स्थपित हो क्योंकि हम वैश्विक व्यापार के भावी रूप को आकार देते हैं।