DTC inks MOU with CESL, a subsidiary of EESL for the installation of charging stations and battery swapping stations at various DTC locations

Sarkaritel
By Sarkaritel September 7, 2021 19:03

DTC inks MOU with CESL, a subsidiary of EESL for the installation of charging stations and battery swapping stations at various DTC locations


Delhi Transport Corporation (DTC) today signed a Memorandum of Understanding with Convergence Energy Services Limited (CESL)  for the installation of charging stations and battery swapping stations at finalised DTC locations.

The agreement was signed by Vijay Kumar Bidhuri, Managing Director of DTC and Saurabh Kumar, Chairman of Convergence Energy Services Limited (CESL) in presence of Transport Minister of Delhi, Kailash Gahlot. Convergence Energy Services Limited (CESL) is a subsidiary of state-owned Energy Efficiency Services Limited (EESL), a joint venture of public sector companies under the Ministry of Power, Government of India.

As per the directions of the signed MoU, EESL through its subsidiary organization CESL has agreed to procure, install, operate and maintain charging units and related infrastructure at the location of the DTC area at its costs and expenses. The charges for usage of location shall be paid by CESL to DTC every month at the rate of Rs. 1.00 per kWh of energy dispensed.

If the space required by the concessionaire is more than 3 ECS (Equivalent Car Space) then Rs. 2000 extra would be levied per ECS per month.  Initially, the contract period is of 10 years. As per Terms and Conditions, CESL will start work immediately and shall endeavour to finish the installation of all stations in the next 4 months.

After the location assessment survey at various DTC locations, Dwarka sector-8, Dwarka sector 2 Depot, Mehrauli Terminal, Nehru Place Terminal, Okhla CW-II, Sukhdev Vihar Depot and Kalkaji Depot have been identified jointly by DTC and EESL for the setting up of Public Electric Vehicle Charging Stations and Battery Swapping Stations. Each of the 7 locations will have a total of 6 charging points each, 3 of which will be for 2 and 3 wheelers and 3 points for 4 wheelers. Once installed, these locations with their real-time status and availability of charging points will also be available on the ONE DELHI App of the Delhi Government. Through this, CESL will also reduce Carbon Footprint and wherever feasible, will integrate solar rooftop and Battery Storage System (BSS) with the installation of charging infrastructure, to use renewable energy to power the charging stations.

Transport Minister Kailash Gahlot, on the occasion, said “Under CM Arvind Kejriwal, Delhi is leading the way in the country’s transition to EV. With today’s partnership with CESL, we are happy to say that the Government (DTC) is taking the lead in using our land and depots to increase and improve the charging infrastructure and EV ecosystem in Delhi. We are also exploring various non-polluting means to power these charging stations to effectively decrease the Carbon footprint”


*केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के मद्देनजर चार्जिंग और बैट्री स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए सीईएसएल के साथ किया समझौता*

*- परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की मौजूदगी में डीटीसी के प्रबंध निदेशक विजय कुमार बिधूड़ी और सीईएसएल के अध्यक्ष सौरभ कुमार ने समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर*

*- ईईएसएल ने इस समझौते के तहत अपनी सहायक कंपनी सीईएसएल के माध्यम से डीटीसी की तरफ से उपलब्ध कराए गए स्थानों पर  अपनी लागत से चार्जिंग स्टेशनों को प्रबंधित करने पर सहमति व्यक्त की*

*-दिल्ली में चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए कुल 7 स्थानों की पहचान की गई है*

नई दिल्ली, 07 सितम्बर, 2021

केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के मद्देनजर चार्जिंग और बैट्री स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए ईईएसएल की सहायक कंपनी सीईएसएल के साथ आज समझौता किया है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) ने अपनी भूमि पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी स्वैपिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के साथ यह समझौता किया। इस समझौते पर दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की उपस्थिति में डीटीसी के प्रबंध निदेशक विजय कुमार बिधूड़ी और सीईएसएल के अध्यक्ष सौरभ कुमार ने हस्ताक्षर किए। कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल),  एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की एक सहायक कंपनी है, जो भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का एक संयुक्त उद्यम है।

हस्ताक्षर किए गए एमओयू के अनुसार, ईईएसएल ने अपने सहायक संगठन सीईएसएल के माध्यम से डीटीसी द्वारा आवंटित स्थानों पर अपनी लागत और खर्च पर चार्जिंग इकाइयों और संबंधित बुनियादी ढांचे की खरीद, स्थापना, संचालन और रखरखाव के लिए सहमति व्यक्त की है। स्थान के उपयोग के लिए शुल्क का भुगतान सीईएसएल द्वारा 1  रुपए प्रति किलोवाट प्रति घंटे  की दर से डीटीसी को मासिक आधार पर किया जाएगा। यदि छूटग्राही द्वारा आवश्यक स्थान 3 ईसीएस (समतुल्य कार स्थान) से अधिक है तो 2000 रूपये प्रति ईसीएस प्रति माह अतिरिक्त देना होगा । प्रारंभ में, इस अनुबंध की अवधि 10 वर्ष है। नियम और शर्तों के अनुसार, सीईएसएल तुरंत काम शुरू करेगा और अगले 4 महीनों में सभी स्टेशनों की स्थापना को पूरा करने का प्रयास करेगा।

डीटीसी और ईईएसएल द्वारा संयुक्त रूप से स्थान मूल्यांकन सर्वेक्षण के बाद, द्वारका सेक्टर -8, द्वारका सेक्टर 2 डिपो, महरौली टर्मिनल, नेहरू प्लेस टर्मिनल, ओखला सीडब्ल्यू- II, सुखदेव विहार डिपो और कालकाजी डिपो पर सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित की जा रही है। इन 7 स्थानों में से प्रत्येक में कुल 6 चार्जिंग पॉइंट होंगे, जिनमें तीन दुपहिया एवं तिपहिया वाहनों के लिए होंगे और 3 अन्य पॉइंट फोर व्हीलर्स के लिए होंगे। एक बार इनस्टॉल होने के बाद ये लोकेशन अपनी रियल टाइम स्थिति और चार्जिंग पॉइंट की उपलब्धता के साथ दिल्ली सरकार के वन दिल्ली ऐप पर भी उपलब्ध होंगे। इसके माध्यम से सीईएसएल कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करेगा और जहां भी संभव होगा, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना के साथ सोलर रूफटॉप और बैटरी स्टोरेज सिस्टम (बीएसएस) को एकीकृत करेगा, ताकि चार्जिंग स्टेशनों को बिजली देने के लिए रिन्यूएबल ऊर्जा का उपयोग किया जा सके।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली  देश में इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने की दिशा में अग्रिम भूमिका निभा रही है। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सीईएसएल के साथ इस साझेदारी से सरकार डीटीसी की भूमि और डिपो का उपयोग दिल्ली में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ईवी इकोसिस्टम को बढ़ाने और सुधारने के लिए रही है। हम कार्बन फुटप्रिंट को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए इन चार्जिंग स्टेशनों को बिजली देने के लिए विभिन्न गैर-प्रदूषणकारी साधनों के इस्तेमाल में भी लगें हैं।

Sarkaritel
By Sarkaritel September 7, 2021 19:03