राज्य भूगर्भ जल प्रबन्धन एवं विनियामक प्राधिकरण की द्वितीय बैठक संपन्न

Sarkaritel
By Sarkaritel January 20, 2021 21:28

राज्य भूगर्भ जल प्रबन्धन एवं विनियामक प्राधिकरण की द्वितीय बैठक संपन्न


दिनांक: 20 जनवरी, 2021

लखनऊ: मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में राज्य भूगर्भ जल प्रबन्धन एवं विनियामक प्राधिकरण की द्वितीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण के सदस्यों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

बैठक के प्रारम्भ में प्रमुख सचिव नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव द्वारा बैठक के उद्देश्य एवं एजेण्डा बिन्दु के सम्बन्ध में अवगत कराया गया।

प्राधिकरण के सदस्य सचिव वी0के0उपाध्याय, निदेशक भूगर्भ जल विभाग द्वारा प्राधिकरण की गत बैठक की अनुपालन आख्या का विवरण प्रस्तुत किया गया। तदोपरान्त इस बात पर चर्चा की गई कि भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन में अधिसूचित क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम की श्रेणी में आने वाले उद्योगों तथा पूर्व से संचालित उद्योगों को भूजल निकासी के लिये अनापत्ति निर्गमन किये जाने पर छूट के प्राविधान किये गये हैं, जबकि उ0प्र0 भूगर्भ जल (प्रबन्धन एवं विनियमन) अधिनियम, 2019 में अधिसूचित क्षेत्रों में नई अनापत्ति निर्गमन पर प्रतिबन्ध है।

प्रदेश के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुये अध्यक्ष प्राधिकरण द्वारा यह निर्णय लिया गया कि अनापत्ति निर्गमन हेतु भारत सरकार द्वारा दी गई गाइडलाइन के अनुसार अधिसूचित क्षेत्रों में भी छूट प्रदान की जाये। साथ ही इन उद्योगों से रिचार्जिंग इत्यादि की विशेष गतिविधियां भी करायी जाये, जिससे कि प्रदेश के भूजल संवर्धन के कार्य में गतिशीलता आये। इसके अतिरिक्त प्राधिकरण द्वारा यह भी निर्धारित किया गया है कि अनापत्ति निर्गमन एवं नवीनीकरण की अवधि 05 वर्ष ही निर्धारित की जाये।

अध्यक्ष, प्राधिकरण द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि भारत सरकार की गाइडलाइन में किये गये प्राविधानों के अनुसार लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को, जो 10 कि0ली0 प्रतिदिन भूजल का दोहन करते हैं, उनको अनापत्ति से छूट देते हुये उनसे मात्र भूजल निकासी का शुल्क लिया जाये।
अध्यक्ष प्राधिकरण द्वारा यह सुझाव दिया गया कि अनापत्ति निर्गत करते समय वर्ष जल रिचार्जिंग, वाटर आॅडिट, वाटर मैनेजमेंट प्लान एवं इम्पैक्ट एसेसमेंट इत्यादि को भी शामिल किया जाये। यह भी निर्णय लिया गया कि चरणबद्ध तरीके से अच्छी गुणवत्ता वाले फ्लोमीटर भी स्थापित कराये जाये।

अध्यक्ष प्राधिकरण द्वारा इस प्रस्ताव पर भी सहमति प्रदान की गई कि पूर्व में निर्गत अनापत्ति के वैधता समाप्त होने एवं ससमय नवीनीकरण/निर्गमन हेतु आवेदन किये जाने एवं प्रक्रियागत विलम्ब के कारण नवीनीकरण/निर्गमन की कार्यवाही पूर्ण न होने वाले आवेदनों को भी नवीनीकरण की परिधि में रखा जाय।

अध्यक्ष, प्राधिकरण द्वारा निदेषक, भूगर्भ जल विभाग को यह भी निर्देषित किया गया है कि सामान्य जन-मानस को रूफटाॅप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना के प्रोत्साहन एवं सुगम करने हेतु प्रणाली का माडल डिजाइन एवं उसकी अनुमानित लागत को विभागीय बेवसाइट पर अपलोड कराते हुए इसका प्रचार-प्रसार किया जाय। साथ ही इस क्षेत्र की दक्ष संस्थाओं की एक सूची तैयार करते हुए विभागीय बेवसाइट पर अपलोड की जाय, जिससे सामान्य जन-मानस को उनकी तकनीकी सेवाओं का लाभ प्राप्त हो सके।

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