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July 4, 2026
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NHPC Limited Starts Commercial Operations of 4th Unit at 2,000 MW Subansiri Lower Project

NHPC commissions fourth unit of Subansiri project

Faridabad, May 8: State-run NHPC Limited has commenced commercial operations of the fourth 250 MW unit of the 2,000 MW Subansiri Lower Hydroelectric Project, boosting the project’s operational capacity to 1,000 MW.

nhpc cmd

The unit began commercial operations on May 8, adding 250 MW of clean energy to the national grid. Located across Arunachal Pradesh and Assam, the hydroelectric project is being developed in phases and is expected to strengthen grid stability, support peak power demand and aid renewable energy integration.

NHPC CMD Bhupender Gupta said the commissioning reflects the company’s strong project execution capabilities and aligns with the government’s vision of enhancing India’s sustainable power infrastructure.


एनएचपीसी द्वारा भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना – 2000 मेगावाट सुबनसिरी लोअर परियोजना की चौथी यूनिट (250 मेगावाट की यूनिट सं 4) के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा

एनएचपीसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के ‘नवरत्न’ उद्यम ने अरुणाचल प्रदेश एवं असम में स्थित अपनी 2000 मेगावाट (8 x 250 मेगावाट) क्षमता वाली सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की चौथी यूनिट (यूनिट संख्या # 4, 250 मेगावाट) के सफल वाणिज्यिक संचालन की घोषणा की है। यह यूनिट 8 मई 2026 को 00:00 बजे से वाणिज्यिक संचालन में आ गई, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड में 250 मेगावाट स्वच्छ जलविद्युत क्षमता जुड़ गई है।

इस अवसर पर श्री भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय तथा अरुणाचल प्रदेश और असम की सरकारों के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने श्री राजेन्द्र प्रसाद, कार्यपालक निदेशक के नेतृत्व में सुबनसिरी लोअर परियोजना टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की, साथ ही एनएचपीसी के निगम मुख्यालय के विभिन्न विभागों के बहुमूल्य योगदान की भी प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि इस यूनिट की सफल कमीशनिंग एनएचपीसी की मजबूत तकनीकी विशेषज्ञता और परियोजना निष्पादन क्षमता को दर्शाता है तथा भारत सरकार के सतत एवं आत्मनिर्भर ऊर्जा क्षेत्र के दृष्टिकोण के अनुरूप राष्ट्र  की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने में एनएचपीसी की महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत करता है। उन्होंने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि परियोजना की शेष यूनिटों की कमीशनिंग निर्धारित समयसीमा के भीतर की जाएगी।

इस यूनिट के आरंभ  होने के साथ ही, सुबनसिरी लोअर परियोजना ने अपनी नियोजित 2000 मेगावाट क्षमता में से 1000 मेगावाट की कुल परिचालन क्षमता हासिल कर ली है, जो परियोजना के चरणबद्ध संचालन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह परियोजना ग्रिड स्थिरता को सुदृढ़ करने, पीक पावर मांग को पूरा करने तथा राष्ट्रीय ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा के समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वाणिज्यिक संचालन से पूर्व, इस यूनिट का 1 मई 2026 को सफल ट्रायल रन पूरा किया गया था, जो परियोजना के पूर्ण संचालन की दिशा में निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

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