First Unit of Kishanganga Hydroelectric Project (3×110 MW) of NHPC successfully synchronized with Grid

Sarkaritel
By Sarkaritel March 2, 2018 08:01


First unit (110 MW) of the Kishanganga Hydroelectric Project of NHPC at Bandipora, Jammu & Kashmir has been successfully test synchronized with the grid at 3:30 Hrs on 01.03.2018. On this occasion, Shri Balraj Joshi, Chairman and Managing Director, NHPC, Shri Ratish Kumar, Director (Projects), Shri N. K. Jain, Director (Personnel), Shri S. Kalgaonkar, Executive Director (RO-Jammu), Shri Arvind Bhat, Executive Director (Design-E&M), Shri A. K. Singh, Executive Director (Kishanganga), Shri Amresh Kumar, General Manager (Kishanganga) and other senior officers of NHPC were present. Deputy Commisioner, Bandipora, Shri Sajad Hussain Ganie, also graced the occasion, who has been instrumental in fructification of the project.

The Kishanganga project envisages diversion of water of Kishanganga River to underground Power House through 23.25 KM long Head Race Tunnel to generate 1713 million units per annum. The Project is covered under the Indus Waters Treaty signed between India and Pakistan.

NHPC currently operates 22 power stations with a total installed capacity of 6691 MW including 1520 MW through NHDC Limited – JV of NHPC with Government of Madhya Pradesh. The company currently has 3 projects of 3130 MW capacity under construction. NHPC has 7 power stations in Jammu & Kashmir with an installed capacity of 2009 MW. It is also pertinent to mention that NHPC through its joint venture company, CVPPPL with JKSPDC and PTC (India) Limited is executing 03 Hydroelectric Projects namely Pakal Dul, Kiru and Kwar at Chenab River Basin.


एनएचपीसी की किशनगंगा जलविद्युत परियोजना (3 x 110 मेगावाट) का पहला यूनिट ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज किया गया 

एनएचपीसी की किशनगंगा जलविद्युत परियोजना, जोकि बांदीपोरा, जम्मू व कश्मीर में स्थित है, का पहला यूनिट (110 मेगावाट) ग्रिड के साथ 01.03.2018 को सुबह 3:30 बजे सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज किया गया । इस अवसर पर एनएचपीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक श्री बलराज जोशी, निदेशक (परियोजनाएं) श्री रतीश कुमार, निदेशक (कार्मिक) श्री एन.के. जैन, कार्यपालक निदेशक (क्षेत्रीय कार्यालय-जम्मू) श्री एस. कालगांवकर, कार्यपालक निदेशक (डिजाइन-ईएण्डएम) श्री अरविन्द भट्ट, कार्यपालक निदेशक (किशनगंगा परियोजना) श्री ए.के. सिंह, महाप्रबंधक (किशनगंगा परियोजना) श्री अमरेश कुमार के साथ एनएचपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे । इस दौरान उपायुक्त (बांदीपोरा) श्री सजाद हुसैन गनी भी उपस्थित थे, जिनकी परियोजना को फलीभूत करने में अहम भूमिका रही है ।

किशनगंगा परियोजना की परिकल्पना किशनगंगा नदी के पानी को 23.25 किलोमीटर लंबी हेड रेस टनल के माध्यम से परिवर्तित कर भूमिगत पावर हाउस से प्रति वर्ष 1713 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन करने के लिए किया गया । परियोजना भारत और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षरित सिंधु जल समझौते के अंतर्गत आती है ।

वर्तमान में एनएचपीसी 6691 मेगावाट की कुल संस्थापित क्षमता के साथ 22 पावर स्टेशन संचालित कर रही है, जिसमें एनएचपीसी और मध्य प्रदेश सरकार के संयुक्त उद्यम, एनएचडीसी लिमिटेड की 1520 मेगावाट की क्षमता भी शामिल है । कंपनी के पास 3130 मेगावाट क्षमता की 3 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं । जम्मू और कश्मीर में एनएचपीसी के 7 पावर स्टेशन हैं, जिनकी कुल संस्थापित क्षमता 2009 मेगावाट है । यह भी उल्लेखनीय है कि एनएचपीसी, जेकेएसपीडीसी और पीटीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ अपनी संयुक्त उद्यम कंपनी चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (सीवीपीपीपीएल) के माध्यम से चिनाब नदी बेसिन में 03 जलविद्युत परियोजनाओं पाकल दुल, किरू और क्वार को कार्यान्वित कर रही है ।

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By Sarkaritel March 2, 2018 08:01