29.3 C
New Delhi
July 22, 2026
Public Sector NewsSlider

NHPC Declares Commercial Operation of Second Unit of India’s Largest Hydropower Project

NHPC Declares Commercial Operation of Second Unit of India’s Largest Hydropower Project

Faridabad, 01.02.2026: NHPC Limited, a ‘Navratna’ PSU under the Ministry of Power, achieved key milestones at its Subansiri Lower HE Project during the night of 31st January and 1st February 2026.

nhpc cmd

The 3rd Unit (250 MW) was synchronized with the National Grid at 21:00 hours on 31.01.2026, and the commercial operation of the 2nd Unit (250 MW) followed at midnight, contributing a total of 500 MW to the grid. CMD Bhupender Gupta acknowledged the support from the Ministry of Power, the states of Arunachal Pradesh and Assam, and praised the NHPC team for their efforts.

These achievements underscore NHPC’s technical capabilities and commitment to India’s energy security and sustainable power sector. Director (Projects) Sanjay Kumar Singh and Executive Director Rajendra Prasad also expressed gratitude towards all stakeholders involved.


एनएचपीसी द्वारा भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना – 2000 मेगावाट सुबनसिरी लोअर परियोजना की दूसरी यूनिट(250 मेगावाट की यूनिट सं 3) के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा

एनएचपीसी लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन ‘नवरत्न’ सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम ने अरुणाचल प्रदेश/असम में स्थित अपनी 2000 मेगावाट (8×250 मेगावाट) क्षमता वाली सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना में 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि के दौरान दो महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की हैं।

ये उपलब्धियाँ देश की ऊर्जा सुरक्षा, ग्रिड स्थिरता तथा स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन  की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

प्रथम उपलब्धि के अंतर्गत परियोजना की तीसरी यूनिट  (यूनिट संख्या#1, 250 मेगावाट) को दिनांक 31.01.2026 को रात्रि 21:00 बजे राष्ट्रीय ग्रिड के साथ सफलतापूर्वक सिंक्रोनाइज़ किया गया। इसके पश्चात परियोजना की दूसरी यूनिट (यूनिट संख्या # 3, 250 मेगावाट) का वाणिज्यिक संचालन दिनांक 01.02.2026 को 00:00 बजे आरंभ किया गया, जिससे राष्ट्रीय ग्रिड में 250 मेगावाट अतिरिक्त स्वच्छ जलविद्युत क्षमता का समावेशन हुआ। इसके साथ ही सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना से अब तक कुल 2000 मेगावाट की क्षमता में से 500 मेगावाट का योगदान राष्ट्रीय ग्रिड को प्राप्त हो चुका है, जो ग्रिड स्थिरता, उच्च मांग अवधि में विद्युत आपूर्ति तथा नवीकरणीय ऊर्जा के राष्ट्रीय ऊर्जा मिश्रण में जलविद्युत की भूमिका को सुदृढ़ करता है।

एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री भूपेन्द्र गुप्ता ने इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार तथा अरुणाचल प्रदेश और असम राज्य सरकारों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सुबनसिरी लोअर परियोजना टीम के समर्पित प्रयासों की सराहना की, जिसका नेतृत्व श्री राजेन्द्र प्रसाद, कार्यपालक निदेशक द्वारा किया गया। इसके साथ ही उन्होंने एनएचपीसी के निगम मुख्यालय के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के योगदान की भी प्रशंसा की। श्री गुप्ता ने कहा कि इन यूनिटों की सफल कमीशनिंग एनएचपीसी की तकनीकी दक्षता, परियोजना निष्पादन क्षमता तथा राष्ट्रीय ऊर्जा सुदृढ़ता सुनिश्चित करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है और यह भारत सरकार के सतत एवं आत्मनिर्भर विद्युत क्षेत्र के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उन्होंने यह भी कहा कि इन उपलब्धियों से शेष यूनिटों के समयबद्ध कमीशनिंग में सहायता मिलेगी।

एनएचपीसी के निदेशक (परियोजनाएं) श्री संजय कुमार सिंह ने इन उपलब्धियों की प्राप्ति में योगदान देने वाली परियोजना साइट एवं निगम मुख्यालय की एनएचपीसी की समस्त टीम को बधाई दी।

सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना के कार्यपालक निदेशक श्री राजेन्द्र प्रसाद ने एनएचपीसी प्रबंधन, कॉर्पोरेट टीमों, कार्यान्वयन एजेंसियों- मेसर्स जीई वर्नोवा, मेसर्स बीजीएस-एसजीएस-सोमा, मेसर्स टीआरईएल तथा मेसर्स पीईएल के साथ-साथ स्थानीय हितधारकों एवं समुदायों के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

Related posts

Back to top