Faridabad, 30 Jan: NHPC Limited marked Data Privacy Day 2026 on January 30, 2026, focusing on data protection awareness in collaboration with the Data Security Council of India (DSCI).

Present at the event were top officials including CMD Bhupender Gupta, who underscored the ethical, technical, and statutory responsibilities of handling sensitive data pertaining to employees, citizens, and business associates. He emphasized that Data Privacy Day transcends regulatory compliance, highlighting the need to protect individual dignity and maintain public trust.
Sukrit Ghosh from DSCI reiterated the significance of the Digital Personal Data Protection Act, 2023, framing data privacy as a governance necessity. The Act mandates that personal data must be collected legally, safeguarded appropriately, and accessed only on a need-to-know basis.
The event underscored NHPC’s dedication to data protection, promoting privacy awareness and ensuring compliance with statutory regulations in the digital age.
एनएचपीसी ने डेटा गोपनीयता दिवस 2026 मनाया
एनएचपीसी लिमिटेड ने 30 जनवरी, 2026 को डेटा संरक्षण एवं गोपनीयता के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से डेटा गोपनीयता दिवस 2026 मनाया। यह जागरूकता कार्यक्रम डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस अवसर पर श्री भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं), श्री महेश कुमार शर्मा, निदेशक (वित्त) तथा श्री संतोष कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में श्री भूपेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने कहा कि एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम के रूप में एनएचपीसी कर्मचारियों, नागरिकों, वेंडरों तथा व्यावसायिक साझेदारों से संबंधित संवेदनशील डेटा का प्रबंधन करता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे डेटा की सुरक्षा केवल तकनीकी आवश्यकता ही नहीं, बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी और वैधानिक दायित्व भी है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि डेटा गोपनीयता दिवस केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तिगत गरिमा की रक्षा, सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखने और संगठन की विश्वसनीयता को संरक्षित करने से जुड़ा हुआ है।
डीएससीआई के निदेशक, श्री सुकृत घोष ने बताया कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023 के लागू होने के बाद डेटा गोपनीयता एक कानूनी, नैतिक और प्रशासनिक अनिवार्यता बन गई है। उन्होंने विस्तार से बताया कि इस अधिनियम के अनुसार व्यक्तिगत डेटा का संग्रह केवल वैध उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए, उसे उपयुक्त सुरक्षा उपायों के माध्यम से संरक्षित रखा जाना चाहिए तथा उसकी पहुँच केवल आवश्यकता के आधार पर ही होनी चाहिए।
इस कार्यक्रम ने डिजिटल युग में डेटा संरक्षण, गोपनीयता जागरूकता और वैधानिक दायित्वों के पालन के प्रति एनएचपीसी की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ किया।
