
केदारनाथ धाम में 2013 की भीषण आपदा के पश्चात यूथ फाउंडेशन ने बचाव कार्यों के साथ साथ केदारनाथ के पुनर्निर्माण में भी बढ़ चढ़ कर भाग लिया। वनों में लगी आग को बुझाने, पर्यावरण संरक्षण, जल स्त्रोतों को बचाने, वृक्षारोपण, गंगा के जल और उसकी पवित्रता इत्यादि पर फाउंडेषन सक्रिय है।
गंगोत्री धाम में स्वामी सुन्दरानंद, जिन्होंने हिमालय में भ्रमण कर तथा हिमालय बचाओ, गंगा बचाओ जैसे विषयों पर आधारित शानदार आर्ट गैलरी तैयार की हैस्वामी सुन्दरानंद जी के साथ मिलकर कार्य करने का निश्चय किया इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए गंगोत्री में गंगा और केदारनाथ तथा गौरीकुंड में मन्दाकिनी नदियों की सफाई का जिम्मा लिया।
शुरुआत में यूथ फाउंडेशन ने सेना से सेवानिवृत कुशल व्यक्तियों की टीमे बनाकर प्रदेश के प्रत्येक जिले में नौजवानों को सेनाभर्ती पूर्वप्रशिक्षण देने के लिए कैम्प लगाये. चार वर्षों में फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त आठ हजार नौजवान अभी तक सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों में भर्ती हो चुके है। संस्थान ने इसी दौरान एक सौ से भी अधिक रोगियों को, जो असाध्य बीमारी से ग्रस्त थे, का इलाज करवाकर, उन्हें नई जिंदगी देने का प्रयास भी किया ।
पहाड़ों में रहने वाले किसानों की गम्भीर समस्या है अपनी उपज का सही मूल्य ना मिल पाना। इसी के चलते यूथ फाउंडेशन ने “बकरी छाप” नाम से पहाड़ों के जैविक उत्पादों को लोगों तक पहुँचाकर उन्हें उचित मूल्य भी दिलवाया है।
कर्नल अजय कोठियाल, केदरानाथ, देहरादून उत्तराखंड
