
आई.टी.आई मनकापुर से एक नये युग की शुरवात हुई और राष्ट्र एवं प्रकृति के लिए अनोखा करने की संकल्प लिया। जीवन बचाओ आन्दोलन पूर्णतः प्रकृति के पाॅचो पंच तत्वो पर ही केन्द्रित करते हुए इसका सूक्त वाक्य पाॅच ‘‘ ज‘‘ की अवधारणा को जन्म दिया , जिसमें जल,जमीन, जंगल ,जलवायु एवं जनसंख्या को समाहित किया।
जीवन बचाओ आन्दोलन के नए सोपान में कई परम्पराओ का शुभारम्भ किया जैसे परिणय पौध रोपण ,नवग्रह वाटिका, संस्कार स्मृति वाटिका, पंचवटी वाटिका, वन महोत्सव, पर्यावरण क्लब, ग्राम पंचायत स्तर पर स्मृति वाटिका की स्थापना , पर्यावरण पर बढती जन संख्या के दबाब के कारण दो बच्चो के कानून के लिए सरकार से अपील पर्यावरण आधारित स्वरोजगार संवर्धन कार्यक्रम को बढाने की अपील आदि।
प्रकृति के प्रति सर्मपण को देखते हुए पर्यावरण मित्र पुरस्कार तथा सिंगापुर और मलेषिया में अन्र्तराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया। शादी के अवसर पर वर कन्या से लगवाते है आम का पेंड यह परिणय पौध समाज में पर्यावरण संरक्षण का सन्देष देता है इसका पूरा खर्च स्वयं वहन करते है भारत के किसी भी शहर में परिणय पौध लगाना चाहते है जीवन बचाओ आन्दोलन डान इन पर सम्पर्क करने पर उस जिले का जिला प्रभारी पेंड लगाने की निषुल्क व्यवस्था करता है।
सन्तोष कुमार बाजपेयी, उन्नाव, उत्तर प्रदेष



