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अमृत भारत स्टेशन योजना में 1,337 स्टेशन शामिल, उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशन; 22 पर विकास कार्य सम्पन्न

Railway Board Directs Expeditious Implementation of Dankuni–Surat Dedicated Freight Corridor

भारतीय रेल देशभर में स्टेशनों के समग्र और चरणबद्ध विकास के लिए “अमृत भारत स्टेशन योजना” के तहत तेजी से कार्य कर रही है। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवाएं उपलब्ध कराना है।

राज्यसभा में आज केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि अब तक देशभर में 1,337 रेलवे स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है, जिनमें से 157 स्टेशन उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत तैयार मास्टर प्लान में स्टेशन भवन और परिचलन क्षेत्र में सुधार, शहर के दोनों हिस्सों से बेहतर एकीकरण, आधुनिक प्रतीक्षालय, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, चौड़े फुट ओवर ब्रिज, एस्केलेटर, लिफ्ट, रैंप और दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, स्थानीय उत्पादों के लिए “एक स्टेशन एक उत्पाद” कियोस्क, पार्किंग, उन्नत यात्री सूचना प्रणाली, लैंडस्केपिंग और पर्यावरण अनुकूल समाधान भी शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में 157 चयनित स्टेशनों में से 22 पर विकास कार्य पूर्ण हो चुका है। इनमें अयोध्या धाम, गोमती नगर, गोंडा, बरेली सिटी, बलरामपुर, बिजनौर, इज्जतनगर, सहारनपुर, फतेहपुर, पंकी धाम समेत अनेक स्टेशन शामिल हैं। इन सभी स्टेशनों पर यात्रियों के लिए उन्नत सुविधाएं और आधुनिक अवसंरचना उपलब्ध कराई जा रही है।

तुलसीपुर, गोंडा, मोदीनगर, लखनऊ (चारबाग), प्रयागराज जंक्शन और गाजियाबाद स्टेशनों पर पुनर्विकास कार्य तेजी से जारी हैं। तुलसीपुर स्टेशन पर सभी प्रमुख संरचनात्मक कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं, जबकि लखनऊ में कॉनकोर्स, नए प्रवेश द्वार और प्लेटफार्म विकास का कार्य प्रगति पर है। प्रयागराज और गाजियाबाद में बेसमेंट प्लाजा, रूफ प्लाज़ा और फुट ओवर ब्रिज के कार्य भी आरंभ हो चुके हैं।

रेल मंत्रालय का कहना है कि इस योजना के तहत स्टेशन न केवल यात्रा के स्थल होंगे, बल्कि शहर के “सिटी सेंटर” के रूप में उभरेंगे। यात्रियों के लिए यह पहल न सिर्फ सुविधा, बल्कि आत्मगौरव और आधुनिक भारत की तस्वीर भी प्रस्तुत करेगी।

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