बेंगलुरु, 28 मार्च 2026 जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 36 “जल योद्धाओं” को सम्मानित करने के लिए sarkaritel.com द्वारा एक भव्य समारोह का आयोजन बेंगलुरु स्थित The Art of Living International Center के विशालाक्षी मंडप में किया गया।
इस अवसर पर Sri Sri Ravi Shankar ने सभी जल योद्धाओं को ट्रॉफी, शाल एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जल के प्रति निष्ठा ही सच्ची सेवा है और समाज में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने पर्यावरणीय चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज जल, वायु और पृथ्वी सभी प्रदूषण की चपेट में हैं, जिससे मानवता के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है।
उन्होंने रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, व्यक्तिगत स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के महत्व को रेखांकित करते हुए योग, ध्यान और सुदर्शन क्रिया को दैनिक जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर घर में ध्यान और आध्यात्मिकता का समावेश समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है और बढ़ती हिंसा को कम करने में सहायक हो सकता है।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित विशेषज्ञों ने भी जल एवं कृषि के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। इनमें पद्मश्री उमाशंकर पांडे, पद्मश्री कंवल सिंह चौहान, पद्मश्री पोपटराव भाऊजी पवार, पद्मश्री सेठ पाल सिंह, पद्मश्री भारत भूषण त्यागी तथा पद्मश्री डेजिग्नेट मोहन नागर शामिल थे।

कार्यक्रम की शुरुआत Sarkaritel एवं Diplomacy India के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ अमेय साठे ने अपने संबोधन में कहा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है और वर्तमान जल संकट एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए जल संरक्षण को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन जल शासन विषय की विशेषज्ञ एवं Mrs World International 2025 विजेता डॉ. अंकिता मेनन द्वारा किया गया।
कार्यक्रम से पहले जल और कृषि विषय पर दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। पहले सत्र में श्री श्री रूरल डेवलपमेंट प्रोग्राम ट्रस्ट तथा श्री श्री इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री प्रसन्ना प्रभु ने मुख्य वक्ता के रूप में मार्गदर्शन दिया। इस सत्र में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव (वाटरशेड मैनेजमेंट) श्री नितिन खड़े, आईएएस आयकर आयुक्त डॉ. नितिन वाघमोडे, भारतीय राजस्व सेवा वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, निदेशक मानव संसाधन डॉ. हेमंत शरद पांडे और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त वन संरक्षक विनय खजुरिया, आईएफएस ने भी अपने विचार रखे।
दूसरे सत्र में पूर्व जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक गिरिराज गोयल, आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. आशीष पांडे, व्हील्स ग्लोबल फाउंडेशन की इंडिया सीईओ सुजाता नरसिम्हन, वरिष्ठ होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. ए.के. गुप्ता तथा नागपुर से पधारे वरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रवीण डबली ने जल संरक्षण के विभिन्न आयामों पर विचार व्यक्त किए ।
जल योद्धा पुरस्कार विजेताओं की राज्यवार सूची
आंध्र प्रदेश : बोया नायडू, मोसा परमानंदमू
दिल्ली : दिव्या भाटिया
गुजरात : पटेल नटवर भाई गोबर भाई
जम्मू और कश्मीर : सचिन कुमार वैश्य, IAS
झारखंड : संजय कुमार सिंह
केरल : सुजा मथाई, थिरुनावुक्कारासरु
मध्य प्रदेश अनिल उइके, भारती अग्रवाल, लोकेंद्र सिंह राजपूत
महाराष्ट्र : अजय प्रकाश राव जाधव, अनिरुद्ध जयकुमार तोडकर, ज्ञानेश्वरी नारायण सोलंके / नारायण विट्ठलराव सोलंके, लक्ष्मी माधुरी चट्टी, नीलेश शेषराव मानकर, पद्माकर भिड़े और गिरी सखरानी, प्रदीप भीमराव पोल, प्रवीण नीलकंठराव डबली, महादेव गोमारे, संदीप शिरखेडकर, धनलक्ष्मी रामचंद्र
ओडिशा : नवीन सेनापति
राजस्थान : एनवीएम राव और श्रीनिवास रल्लापल्ली, पूनम सिंह, राजेंद्र कुमार, रामेश्वर लाल मीना
तमिलनाडु : ओलिवनन नागराजन, रेवती, चंद्रशेखरन द कप
उत्तर प्रदेश : अस्मिता लाल, IAS, उमेश मिश्रा, IAS, हिमांशु नागपाल, IAS, प्रशांत सिन्हा, दिव्या भाटिया
कर्नाटक : नागराज गंगोली
