NHPC signs MOU & MOA with IIT Roorkee

Sarkaritel
By Sarkaritel December 28, 2018 20:20


NHPC, India’s premier hydropower company signed a Memorandum of Understanding (MOU) for ‘Establishing NHPC Chair Professorship at IIT Roorkee’ and Memorandum of Agreement (MOA) for R&D collaboration on 26.12.2018 with IIT Roorkee.

Shri Gobinda Baidya, ED (R&D) and Prof. M Parida, Dean (Sponsored Research & Industrial Consultancy), IIT Roorkee signed MOU & MoA on behalf of NHPC & IIT Roorkee respectively. During this occasion, Shri Janardan Choudhary, Director (Technical), NHPC, Prof. Ajit K. Chaturvedi, Director, IIT Roorkee and Prof. Arun Kumar, Independent Director, NHPC, Prof. B.K. Mishra, Dean (Faculty Affairs) alongwith Head of all Departments of IIT Roorkee were present.

The NHPC Chair Professor will act as an ambassador of hydropower development in the country to catalyze innovation, research and development in hydropower sector in IITR and Indian academia, as well as to facilitate or undertake studies in IITR and Indian academia on environment and social impacts of water resources and hydro power development projects, including study and application of climate change protocol for promoting clean energy.


 

एनएचपीसी ने आईआईटी रुड़की के साथ समझौता ज्ञापन और करार ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

एनएचपीसी, भारत की अग्रणी जलविद्युत कंपनी ने 26.12.2018 को आईआईटी, रुड़की के साथ ‘आईआईटी, रुड़की में एनएचपीसी चेयर प्रोफेसरशिप की स्थापना’के लिए  समझौता ज्ञापन (एमओयू) और अनुसंधान व विकास कार्यों के लिए करार ज्ञापन (एमओए) पर हस्ताक्षर किए ।

श्री गोबिंद वैद्य, कार्यपालक निदेशक (आर एंड डी), एनएचपीसी और प्रो. एम. परिदा,  डीन (प्रायोजित अनुसंधान और औद्योगिक परामर्श), आईआईटी रुड़की ने क्रमशः एनएचपीसी और आईआईटी रुड़की की ओर से समझौता ज्ञापन और करार ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए । इस अवसर पर श्री जनार्दन चौधरी, निदेशक (तकनीकी),एनएचपीसी, आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. अजीत के. चतुर्वेदी और एनएचपीसी के स्वतंत्र निदेशक प्रो. अरुण कुमार के साथ प्रो. बी.के. मिश्रा, डीन (फैकल्टी अफेयर्स) तथा  आईआईटी रुड़की के सभी विभागों के प्रमुख भी उपस्थित थे ।

एनएचपीसी चेयर प्रोफेसर देश में जलविद्युत विकास के एक राजदूत के रूप में कार्य करेंगे, जो आईआईटी रुड़की और भारतीय शिक्षाविदों में जलविद्युत क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और विकास को उत्प्रेरित करेंगे, साथ ही साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जलवायु परिवर्तन प्रोटोकॉल के अध्ययन और इसे लागू करने सहित जल संसाधन और जलविद्युत विकास परियोजनाओं के पर्यावरण और सामाजिक प्रभावों पर आईआईटी रुड़की और भारतीय शिक्षाविदों में अध्ययन की सुविधा प्रदान अथवा अध्ययन का कार्य करेंगे ।

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By Sarkaritel December 28, 2018 20:20

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