Based on Stories & Experiences of cured Patients of Pancreatitis.
Dr. Rajiv Kumar has Praised Vaidya Balendu Prakash for his National mission Nobel Prize
and emphasised integration of ancient knowledge of Ayurveda with different streams of Science.
Chairing the function The Vice Chancellor Dr. Tej Pratap referred to the G V Pant University MoU.
आज पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश जी की 1111 पेंक्रियाटिटिस के स्वस्थ हुए मरीजों डाटा वाली पुस्तिका का विमोचन एक भव्य समारोह में डॉ राजीव कुमार उपाध्यक्ष नीति आयोग के मुख्य आतिथ्य एवं डॉ तेजपाल जी कुलपति गोविंद वल्लभ पंत जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान डॉ राजीव जी ने कहा कि वैद्य बालेंदु प्रकाश जी का कार्य बेहद प्रभावशाली है तथा आज आयुर्वेद को इसी तरह के कार्यों से आगे बढ़ाया जा सकता है उनका शोध कार्य हतप्रभ कर देने वाला है आगे उन्होंने आश्वासन दिया कि वैद्य जी ने जिस तरह इस पारंपरिक रस शास्त्रीय ज्ञान को विज्ञान जोड़ने में संघर्ष किया और शोध किया उसे यथा संभव सरकार से सहयोग प्रदान कराएंगे।
इसी तरह कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ तेजपाल जी कुलपति गोविंद वल्लभ पंत विश्वविद्यालय ने बताया कि उन्होंने वैद्य जी के इस शोध कार्य से प्रभावित होकर ही उनके मिशन नोबल प्राइज को पूरा सहयोग करने का निर्णय लिया जिसके संदर्भ में हाल ही में एक MOU साइन किया गया है।
कार्यक्रम में उपस्थित इमामी प्राइवेट लिमिटेड के CEO डॉ सी के कटियार जी ने वैद्य जी के कार्य की सराहना की और सहयोग के लिए अपनी ओर से 1 लाख रुपये की राशि उनके शोध कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए भेंट की। ICMR के भूतपूर्व अतिरिक्त महानिदेशक डॉ जी एस टूटेजा ने भी वैद्य बालेंदु प्रकाश के इस कार्य की अत्यंत प्रशंसा की और उनके जुझारू जज्बे को प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के दौरान पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश जी ने अपने व्याख्यान में पेंक्रियाटिटिस की आयुर्वेद रस शास्त्र चिकित्सा में उनके द्वारा सफलता पूर्वक किए गए उपचार का विस्तार से वर्णन किया। कार्यक्रम के दौरान शशि चन्द्र रस शाला के संचालक श्री देवेंदु प्रकाश , वैद्य जी की धर्मपत्नी श्रीमती गोपा प्रकाश , उनकी पुत्री मेघा प्रकाश , स्नेह तिवारी , नेहा नेगी, रागिनी आदि कई गणमान्य लोग उपस्थित थे । कार्यक्रम में मंच संचालन वैद्य सुमित श्रीवास्तव ने किया एवं अतिथियों के लिए आभार प्रदर्शन वैद्य शिखा प्रकाश ने किया।


