✅ विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर विश्व युवक केंद्र ने आयोजित की राष्ट्रीय संगोष्ठी
✅ ‘नाउ फॉर क्लाइमेट’ विषय पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
✅ 5 जून से 5 जुलाई 2026 तक चलेगा राष्ट्रव्यापी पर्यावरण जागरूकता अभियान
✅ पद्मश्री उमाशंकर पांडेय रहे मुख्य अतिथि
✅ युवाओं को नवाचार और पर्यावरणीय नेतृत्व अपनाने का संदेश
नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर विश्व युवक केंद्र (VYK) ने ‘#NowForClimate’ विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करते हुए 5 जून से 5 जुलाई 2026 तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी पर्यावरण जागरूकता अभियान की घोषणा की। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में पर्यावरण विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों, युवा नेताओं और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन
विश्व युवक केंद्र द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में देशभर से आए विशेषज्ञों और युवाओं ने सतत विकास, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान हेतु सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना था।
पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने दिया जनभागीदारी का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जल योद्धा पद्मश्री उमाशंकर पांडेय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जल सुरक्षा के क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन केवल जमीनी स्तर की भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरणीय अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
कार्यक्रम की शुरुआत नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स की निदेशक डॉ. देबोलिना कुंडू के मुख्य वक्तव्य से हुई। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की बढ़ती गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस वैश्विक चुनौती से निपटने के लिए नवाचार, साझेदारी और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
वहीं दिल्ली स्कूल ऑफ सोशल वर्क की प्रोफेसर डॉ. नीरा अग्निमित्रा ने पर्यावरणीय न्याय और सामाजिक असमानताओं पर चर्चा करते हुए कहा कि जलवायु संकट का सबसे अधिक प्रभाव कमजोर वर्गों पर पड़ता है।
युवाओं को नवाचार और उद्यमिता का संदेश
उत्तर प्रदेश सरकार के राष्ट्रीय एकीकरण विभाग के सचिव डॉ. हीरा लाल (IAS) ने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान विकसित करने वाले परिवर्तनकारी नेतृत्वकर्ता बन सकते हैं।
राष्ट्रव्यापी पर्यावरण जागरूकता अभियान की घोषणा
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा 5 जून से 5 जुलाई 2026 तक चलने वाले राष्ट्रव्यापी पर्यावरण जागरूकता अभियान की रही। विश्व युवक केंद्र ने बताया कि यह अभियान देशभर में सहयोगी संगठनों और संस्थाओं के साथ मिलकर संचालित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है।
विश्व युवक केंद्र टीम का सम्मान
इस अवसर पर पद्मश्री उमाशंकर पांडेय और पद्मश्री सेठपाल जी ने युवा क्षमता विकास एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के सशक्तिकरण में विश्व युवक केंद्र के योगदान की सराहना की। उन्होंने संस्था के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदय शंकर सिंह और उनकी टीम को श्रीफल एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
निष्कर्ष
कार्यक्रम के समापन पर विश्व युवक केंद्र ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। संस्था ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए नागरिकों, युवाओं और संस्थाओं से इस अभियान से जुड़ने की अपील की। ‘नाउ फॉर क्लाइमेट’ संगोष्ठी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती का समाधान सामूहिक जिम्मेदारी, जनभागीदारी और सतत प्रयासों से ही संभव है।
प्रश्न 1: विश्व युवक केंद्र की राष्ट्रीय संगोष्ठी कब आयोजित हुई ?
उत्तर: यह संगोष्ठी विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित की गई।
प्रश्न 2: ‘नाउ फॉर क्लाइमेट’ संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य क्या था ?
उत्तर: जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को बढ़ावा देना।
प्रश्न 3: राष्ट्रव्यापी पर्यावरण जागरूकता अभियान कब तक चलेगा ?
उत्तर: यह अभियान 5 जून 2026 से 5 जुलाई 2026 तक चलेगा।
प्रश्न 4: कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कौन थे ?
उत्तर: जल योद्धा पद्मश्री उमाशंकर पांडेय मुख्य अतिथि थे।
प्रश्न 5: युवाओं के लिए क्या संदेश दिया गया ?
उत्तर: युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए नवाचार, उद्यमिता और नेतृत्व की भूमिका अपनाने का संदेश दिया गया।







