नई दिल्ली/जोधपुर। लेह के स्टोक गांव में सर्दियां मुश्किल भरी होती हैं। जमाव बिंदु से नीचे तापमान जाने से पानी जम जाता है। स्थानीय लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अब स्टोक गांव के ग्रामीणों की यह परेशानी जल्द खत्म होने वाली है। जल जीवन मिशन के तहत गांव के हर घर में नल से जल पहुंचाने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
स्टोक गांव समुद्र तल से 3500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इस गांव के लोगों के अनुसार सर्दी के महीनों में पानी की ऊपरी सतह के जम जाने के कारण उन्हें अपनी जरूरतों के लिए पानी जुटाने में चुनौती का सामना करना पड़ता है। गांववाले पानी की ऊपरी सतह से 5 फीट नीचे से पानी प्राप्त करने के लिए खुद विकसित किए गए स्थानीय तरीकों को अपनाते आ रहे हैं।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ट्वीट कर बताया कि केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत स्टोक गांव के हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए टीम पहुंची। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों से टीम ने चर्चा की। टीम ने स्थानीय सहयोग के लिए सभी ग्रामीणों का धन्यवाद दिया।
बीते सितंबर माह में दुनिया के सबसे ऊंचे (15,256 फीट) मतदान केंद्र हिमाचल प्रदेश के टशीगंग गांव तक नल से जल पहुंचा है। टशीगंग में भी छह महीने स्थानीय लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ता था, लेकिन अब उनकी पानी की समस्या खत्म हो गई है।


