यहां मातृभूमि शो भी दिखाया जाएगा जिसके माध्यम से भारत के हज़ारों साल के इतिहास को सामंजस्य के साथ समाहित करने का काम किया गया है
आज़ादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में ये कार्यक्रम शुरू हो रहा है और भारत के ऐतिहासिक स्थानों को प्रेरणास्थल बनाने की ये यात्रा आज यहां से शुरू हो रही है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने, आज़ादी के अमृत वर्ष में सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारत को गुलामी से मुक्त कराने में अपना सर्वस्व बलिदान देने वाले अनगिनत शहीदों से हमारी युवा पीढ़ी को परिचित कराने के लिए, कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है
भारत को विश्व में हर क्षेत्र में कहां पहुंचना है, मोदी जी ने इसीलिए आज़ादी के अमृत महोत्सव से आज़ादी की शताब्दी तक के समय को अमृत काल के नाम से हम सबके सामने संकल्पित कराया है
ये यात्रा आज़ादी के 75 सालों से आज़ादी की शताब्दी तक के संकल्प लेने की भी यात्रा है और उस वक्त देश कहां होगा, ये संकल्प लेने का भी समय है
भारत की 130 करोड़ की जनता के सामूहिक पुरूषार्थ से देश को विश्व में सर्वप्रथम बनाने का संकल्प हमें सिद्ध करना है
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 8 सालों में पूरे देश की जनता में आत्मविश्वास, ऊर्जा और विश्वास के साथ एक दिशा में चलने का संकल्प दिखाई दे रहा है
भारत सर्वप्रथम, और, भारत सबसे प्रथम, इन दोनों संकल्पों को लेकर भारत आगे बढ़े
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यहां मातृभूमि शो भी दिखाया जाएगा जिसके माध्यम से भारत के हज़ारों साल के इतिहास को सामंजस्य के साथ समाहित करने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव के वर्ष में ये कार्यक्रम शुरू हो रहा है और भारत के ऐतिहासिक स्थानों को प्रेरणास्थल बनाने की ये यात्रा आज यहां से शुरू हो रही है।
श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने, आज़ादी के अमृत वर्ष में सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारत को गुलामी से मुक्त कराने में अपना सर्वस्व बलिदान देने वाले अनगिनत शहीदों से हमारी युवा पीढ़ी को परिचित कराने के लिए, कई कार्यक्रमों का आयोजन किया है। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व में हर क्षेत्र में कहां पहुंचना है, मोदी जी ने इसीलिए आज़ादी के अमृत महोत्सव से आज़ादी की शताब्दी तक के समय को अमृत काल के नाम से हम सबके सामने संकल्पित कराया है। श्री शाह ने कहा कि ये यात्रा आज़ादी के 75 सालों से आज़ादी की शताब्दी तक के संकल्प लेने की भी यात्रा है और उस वक्त देश कहां होगा, ये संकल्प लेने का भी समय है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 8 सालों में पूरे देश की जनता में आत्मविश्वास, ऊर्जा और विश्वास के साथ एक दिशा में चलने का संकल्प दिखाई दे रहा है और भारत की 130 करोड़ की जनता के सामूहिक पुरूषार्थ से देश को विश्व में सर्वप्रथम बनाने का संकल्प हमें सिद्ध करना है। श्री शाह ने कहा कि भारत सर्वप्रथम, और, भारत सबसे प्रथम, इन दोनों संकल्पों को लेकर भारत को आगे बढ़ना है।
