नई दिल्ली, भारत – 19 मई, 2025 –नवीन महाराष्ट्र सदन में आयोजित एक पुस्तक विमोचन समारोह में, ‘वामपंथी’ विचारधारा के “हानिकारक” और “विनाशकारी” प्रभाव के विरुद्ध एक शक्तिशाली वैचारिक युद्ध की घोषणा की गई।
इस विचारधारा की तुलना उन “दीमकों” से की गई है जो भारतीय संस्कृति और समाज को खोखला कर रहे हैं। यह समारोह अभिजीत जोग द्वारा लिखित पुस्तकों के विमोचन पर केंद्रित था, जिनमें वामपंथी विचारधारा के विकास और आधुनिक स्वरूप का विश्लेषण किया गया है।

सुरुचि प्रकाशन के अध्यक्ष राजीव टुली ने उल्लेख किया कि वामपंथी अक्सर दावा करते हैं कि सत्ता में चाहे कोई भी हो, प्रणाली उनके नियंत्रण में है। पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर ने कहा कि जहां भी यह विचारधारा फैली है, उसने मेजबान देश को दीमक की तरह खा लिया है।
माय होम इंडिया के संस्थापक श्री सुनील देवधर ने घोषणा की, “यह समारोह केवल एक पुस्तक विमोचन नहीं है; यह एक वैचारिक युद्ध में एक निर्णायक मोर्चा है।” उन्होंने “सांस्कृतिक मार्क्सवाद” द्वारा भारतीय परंपराओं और मूल्यों पर किए जा रहे हमले का मुकाबला करने की तात्कालिकता पर जोर दिया। उन्होंने पुस्तक के सावधानीपूर्वक शोध और पाठकों में राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना जगाने की क्षमता पर प्रकाश डाला।
मराठी में पहले से ही बेस्टसेलर रही ये पुस्तकें अब सुरुचि प्रकाशन द्वारा हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित की गई हैं। प्रकाशकों ने इन पुस्तकों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
समारोह का समापन एक आह्वान के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों से “वैचारिक युद्ध” में सक्रिय रूप से भाग लेने और भारत की सांस्कृतिक अखंडता की रक्षा करने का आग्रह किया गया।





