- ‘प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा’ ने पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस शहर में पहुंचाया
- दो सीएनजी स्टेशनों का प्रचालन प्रारंभ, अन्य 18 तैयारी में
- 8000 घरों में पीएनजी का कार्य पूरा हुआ; कुल 1 लाख कनेक्ट किए जाने हैं
वाराणसी, 14 जुलाई, 2018 : माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को वाराणसी शहर गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क समर्पित किया जो शहर में ‘ प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा’ के माध्यम से घरों, परिवहन क्षेत्र तथा उद्योगों को पर्यावरण अनुकूल प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगा । परियोजना उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री राम नाईक, उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ और कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में समर्पित किया गया।
वाराणसी सीजीडी परियोजना का शिलान्यास माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 24 अक्तूबर, 2016 को किया गया था ।
गेल (इंडिया) लिमिटेड द्वारा 755 करोड़ रुपए की लागत से कार्यान्वित किए जा रहे वाराणसी सीजीडी नेटवर्क में 1,535 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा तथा 36.76 लाख जनसंख्या को सेवाएं दी जाएंगी । दो कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) स्टेशनों में वाणिज्यिक प्रचालन प्रारंभ कर दिया गया है तथा अन्य 18 स्टेशन आने वाले वर्षों में स्थापित किए जाएंगें । शहर में समग्र रूप से 20,000 वाहनों द्वारा सीएनजी का उपयोग किए जाने का अनुमान है ।
इसके अतिरिक्त, 8000 घरों के लिए पाइप्ड प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन का कार्य पूरा हो गया है जिन्हें मार्च, 2019 तक कनेक्ट कर दिया जाएगा । इस परियोजना में लगभग 1 लाख घरों को कवर किए जाने का अनुमान है ।
28 कि.मी. तक स्टील पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और 102 कि.मी. तक मीडियम डेन्सिटी पॉली-इथिलीन (एमडीपीई) पाइप बिछाने का कार्य पूर्ण हो गया है । इस परियोजना के भाग के रूप में इस शहर में लगभग 800 कि.मी. स्टील और एमडीपीई पाइपलाइनें बिछाई जाएंगी ।
इस सीजीडी नेटवर्क में चार औद्योगिक क्षेत्र भी कवर किए जाएंगें और यह 150 उद्योगों एवं 500 वाणिज्यिक उद्यमों को सेवाएं दे सकता है । इससे 1000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अन्य कई व्यक्तियों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है ।
वाराणसी सीजीडी परियोजना को ‘प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा’ के नाम से सुविख्यात जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा/बरौनी-गुवाहाटी पाइपलाइन परियोजना (जेएचबीडीपीएल/बीजीपीएल) के साथ विकसित किया गया था ।
कुल 3,291 कि.मी. लंबी इस पाइपलाइन परियोजना को लगभग 13,000 करोड़ रुपए की लागत से निष्पादित किया जा रहा है । यह परियोजना उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम की ऊर्जा आवश्यकता को पूरी करेगी जिसमें 70 जिले और 3,150 गांव कवर किए जाएंगें ।
वाराणसी के अलावा, गेल द्वारा पटना, जमशेदपुर, रांची, भुवनेश्वर और कट्टक में भी पाइपलाइन मार्ग में सीजीडी नेटवर्क विकसित किए जा रहे हैं ।
