PNB participating as Panelist in a seminar “Doubling Farmers Income by 2022- Role of Banks & Financial Institutions”

Sarkaritel
By Sarkaritel July 9, 2016 10:04

PNB participating as Panelist in a seminar “Doubling Farmers Income by 2022- Role of Banks & Financial Institutions”


 

09pnb_confDr. Rakesh Gupta, General Manager,PNB participating as Panelist in a seminar “Doubling Farmers Income by 2022- Role of Banks & Financial Institutions”, organized by the PHD Chamber of Commerce and Industry in collaboration with NABARD  at New Delhi.

The program was also attended by Mr. Amarjeet Sinha, Additional Secretary, Ministry of Rural Development ,Dr. JP Mishra, Adviser(Agriculture),NITI Aayog, Mr. Girish Nair, Senior Operations Officer, The World Bank Group, Mr. R. Amalorpavanathan, Deputy Managing Director,NABARD , Mr. Raj Benhalkar,Chief Risk and Strategy, National Commodity & Derivatives Exchange Limited (NCDEX),Mr. Vijay Sardana ,Member, Commodity Derivatives Advisory Committee,SEBI, Policy Makers, Industry, Research & Academic Institutions, Extension Agencies, and other stake-holders in Agriculture sector in India.

Dr. Rakesh Gupta, General Manager said thatwe need a different Agriculture that supports more people in farming  and at the same time we need to understand that agriculture is also a kind of business and deserves similar attention like other important sectors. He further added that the efforts should be towards “ease of farming” in terms of mechanization, infrstructure and technological advances on the line of ease of doing business”.  He emphasized on setting up of  Agriculture Technology Training Institutes (ATTIs) , in rural and semi-urban areas, offering certified courses covering modern agronomy, mechanized farming, soil, water and pest management, farm equipment operations, etc. to fill the  gap of skill shortage.

 


 

 

डॉ. राकेश गुप्ता, महाप्रबंधक, पंजाब नैशनल बैंक ने नई दिल्ली में नाबार्ड के सहयोग से पीएचडी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करना – बैंकों और वित्तीय संस्थाओं की भूमिका” सेमिनार में पैनल के एक सदस्य के रूप में भाग लिया।

इस कार्यक्रम में श्री अमरजीत सिन्हा, अपर सचिव, ग्रामीण विकासमंत्रालय, डॉ. जे. पी. मिश्रा, सलाहकार (कृषि), नीति आयोग, श्री गिरीश नायर, वरिष्ठ परिचालन अधिकारी, विश्व बैंक समूह, श्री आर. अमलोरपवनाथन, उप प्रबंध निदेशक, नाबार्ड, श्री राज बेंहालकर, मुख्य जोखिम एवं रणनीति, नैशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (एनसीडीईएक्स), श्री विजय सरदाना, सदस्य, कमोडिटी डेरिवेटिव एडवाइजरी कमेटी, सेबी, नीति निर्माता, उद्योग, अनुसंधान और शैक्षिक संस्थानों, विस्तार एजेंसियों, और भारत में कृषि क्षेत्र के अन्य हितधारकों ने भी भाग लिया|

 इस अवसर पर डॉ राकेश गुप्ता, महाप्रबंधक ने कहा कि हमें एक अलग कृषि तकनीक की आवश्यकता है जो खेती में ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद करता हो और साथ ही हमें यह समझने की आवश्यकता है कि कृषि भी एक प्रकार का कारोबार है तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की तरह इस पर भी समान ध्यान देने योग्य है। इसके आगे उन्होंने कहा कि ”ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस” के समान ही मशीनीकरण, अवसंरचना और तकनीकी विकास से ”ईज़ ऑफ फार्मिंग” के प्रति प्रयास करना चाहिए।

उन्‍होंने ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में,कौशल की कमी को पूर्ण करने के लिए आधुनिक कृषि विज्ञान, यंत्रीकृत कृषि, मृदा, जल और कीट प्रबंधन, कृषि उपकरण परिचालन, आदि को शामिल करते हुए प्रमाणित पाठ्यक्रमों को कराने वाले, कृषि प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण संस्थान (एटीआईआई) की स्थापना करने पर बल दिया ।

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Sarkaritel
By Sarkaritel July 9, 2016 10:04