गांवों को सशक्त कर रहा जल जीवन मिशन : मोदी

Sarkaritel
By Sarkaritel September 30, 2020 11:28


नई दिल्ली/जोधपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय की जमकर प्रशंसा की। नमामि गंगे अभियान के तहत उत्तराखंड में 6 मेगा परियोजनाओं के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे खुशी है कि बहुत ही कम समय में जलशक्ति मंत्रालय ने तेजी से काम संभालना शुरू कर दिया। पानी से जुड़ी चुनौतियों के साथ-साथ अब ये मंत्रालय देश के गांवों में, हर घर तक जल पहुंचाने के मिशन में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि जलशक्ति मंत्रालय का गठन 2019 में ही हुआ है। जोधपुर से सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत पहले केंद्रीय जलशक्ति मंत्री हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तहत आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, जल-जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत हर दिन करीब-करीब 1 लाख परिवारों को शुद्ध पेयजल की सुविधा से जोड़ा जा रहा है। सिर्फ 1 साल में 2 करोड़ से ज्यादा परिवारों तक पीने का पानी पहुंचाया जा चुका है। जल जीवन मिशन गांव और गरीब के घर तक पानी पहुंचाने का तो अभियान है ही, ये एक प्रकार से ग्राम स्वराज को, गांव के सशक्तिकरण को, उसके लिए भी एक नई ऊर्जा, नई ताकत, नई बुलंदी देने वाला अभियान है। सरकार के काम करने में किस तरह से बहुत बड़ा बदलाव आया है, ये उसका भी उदाहरण है।

जल जीवन मिशन ने बदली परिपाटी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पहले सरकारी योजनाओं पर अक्सर दिल्ली में ही बैठकर फैसला होता था। किस गांव में कहां सोर्स टैंक बनेगा, कहां से पाइप लाइन बिछेगी, ये सब फैसले ज्यादातर राजधानियों में होते थे, लेकिन जल जीवन मिशन ने इस परिपाटी को बदल दिया है। गांव में पानी से जुड़े कौन से काम कहां हो, उसकी क्या तैयारी हो, ये सबकुछ तय करने और उस पर फैसला लेने का अधिकार अब गांव के लोगों को दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि पानी के प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग से लेकर रख-रखाव और संचालन तक की पूरी व्यवस्था ग्राम पंचायत और पानी समितियां करेंगी। पानी समितियों में भी 50 प्रतिशत गांव की बहनें और बेटियां हों, ये भी सुनिश्चित किया गया है।

माता-बहनों को पता है, पानी का मूल्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज जिस मार्गदर्शिका का विमोचन किया गया है, वो इन्हीं बहनों-बेटियों, पानी कमेटी के सदस्यों और पंचायत सदस्यों के सबसे ज्यादा काम आने वाली हैं। यह एक प्रकार की मार्गदर्शिका है और मेरा पक्का विश्वास है कि पानी की कठिनाई क्या होती है, पानी का मूल्य क्या होता है, पानी की आवश्यकता कैसे सुविधा और संकट दोनों लाती है। इस बात को हमारी माताएं-बहनें जितना समझती हैं, शायद ही कोई समझता है। इसलिए जब इसका पूरा कारोबार माताओं-बहनों के हाथ में जाता है तो बड़ी संवेदनशीलता के साथ, बड़ी जिम्मेदारी के साथ वो इस काम को निभाती हैं और अच्छे परिणाम भी देती है।

2 अक्टूबर से 100 दिन का विशेष अभियान

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं समझता हूं कि जल जीवन मिशन ने गांव के लोगों को एक अवसर दिया है। अवसर, अपने गांव को पानी की समस्याओं से मुक्त करने का, अपने गांव को पानी से भरपूर करने का अवसर। मुझे बताया गया है कि जल जीवन मिशन 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से एक और अभियान शुरू करने जा रहा है। 100 दिन का एक विशेष अभियान, जिसके तहत देश के हर स्कूल और हर आंगनबाड़ी में नल से जल को सुनिश्चित किया जाएगा। मैं इस अभियान की सफलता की शुभकामनाएं देता हूं।

कुंभ पर आचमन योग्य होगा गंगा जल : शेखावत

कार्यक्रम में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने विश्वास दिलाया कि आगामी कुंभ से पहले हम गंगा जल को आचमन योग्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि गंगा का 60 प्रतिशत से अधिक प्रदूषण केवल 10 शहरों से होता है। इसके 100 प्रतिशत ट्रीटमेंट पर तेज़ी से काम हो रहा है। गंगा की सहायक नदियों के संरक्षण के लिए 2650 एमएलडी की 38 एसटीपी योजनाओं पर काम प्रारंभ किया जा चुका है। गंगा के प्रवाह क्षेत्र और उसकी सहायक नदियों के पुनरुद्धार की दिशा में लगभग 30 हजार करोड़ की कुल 315 योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिसमें से 9 हजार करोड़ लागत की लगभग 132 परियोजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि गंगा एक्शन प्लान के तहत 97 शहरों और कुल 4600 गांवों में समन्वय स्थापित कर गंगा के जल को अविरल और निर्मल बनाने की दिशा में बेहतरीन कार्य किया जा रहा है।

6 बड़े प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा की निर्मलता को सुनिश्चित करने वाले 6 बड़े प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया। इसमें हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्रीनाथ और मुनी की रेती में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और म्यूजियम जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।

Sarkaritel
By Sarkaritel September 30, 2020 11:28