नई दिल्ली, 19 जून 2012 राजस्थान के सूचना एवं जनसंपर्क आयुक्त एवं शासन सचिव श्री श्यामसुन्दर बिस्सा ने बताया है कि राजस्थान प्रदेश की करीब सात करोड़ जनता को निःशुल्क दबाईयों का वितरण करने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पत्राकारों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से अधिस्वीकृत पत्राकारों के लिए चलाई जा रही बीमा योजना के साथ ही पत्राकारों के अधिस्वीकरण एवं अन्य नियमों को और अधिक व्यवहारिक बनाया जा रहा है। इसके साथ ही इससे सम्बद्ध समितियों का जिनका कार्यकाल हाल ही में पूरा हुआ है, उनके शीघ्र ही पुनर्गठन करने का प्रस्ताव है।
श्री बिस्सा ने यह जानकारी प्रेस कांसिल ऑफ इंडिया की एक बैठक में भाग लेने के पश्चात् मंगलवार को नई दिल्ली में राजस्थान भवन में मीडिया प्रतिनिधियों एवं दिल्ली में विभिन्न राज्यों के सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारियों से भेंट के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्राी श्री अशोक गहलोत ने अपने बजट भाषण में अधिस्वीकृत पत्राकारों की ’’मेडिक्लेम पॉलिसी’’ की राशि दो लाख रू. और प्रीमियम राशि का 90 प्रतिशत अंशदान राज्य-सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की है। पहले यह अंशदान 75 प्रतिशत ही था। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पत्राकारों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए प्रौत्साहन राशि प्रदान करने का भी विचार कर रही है, जिसके तहत इंजीनियरिंग, मेडिकल आदि प्रतिस्पर्द्धात्मक परीक्षाओं में उनका चयन होने और विभिन्न परीक्षाओं की मेरिट सूची में शामिल होने वाले बच्चों को नगद पुरस्कार दिए जाने का प्रस्ताव है।
श्री बिस्सा ने कहा कि संचार क्रांति के वर्तमान युग और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रेस मीडिया का अह्मं महत्व है , इसलिये जनसंपर्क के क्षेत्रा से जुड़े व्यक्तियों का यह दायित्व है कि वे अपनी सरकार द्वारा किए जा रहे लोक कल्याणकारी कार्यो एवं उपलब्धियों का सकारात्मक प्रचार-प्रसार करने के लिए मीडिया का रचनात्मक सहयोग लेवें।
श्री बिस्सा ने राष्ट्रीय मीडिया प्रतिनिधियों और दिल्ली में कार्यरत् विभिन्न राज्यों के सूचना अधिकारियों को राजस्थान आने का न्यौता दिया और कहा कि वे प्रदेश में हो रहे अच्छे कार्यो और विकास योजनाओं का स्वयं मौके पर आकर अवलोकन करें। उन्होंने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्राी श्री अशोक गहलोत की पहल पर प्रदेश की करीब सात करोड़ जनता को जहां निःशुल्क दवाईयों का वितरण किया जा रहा है, वहीं गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मुख्यमंत्राी जीवन रक्षा कोष से आर्थिक मदद और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए देश के किसी भी बड़े अस्पताल में ईलाज करवाने की निःशुल्क सुविधा, ’’मॉं’’ जननी शिशु सुरक्षा योजना के अन्तर्गत गर्भवती महिलाओं एवं बच्चे को प्रसव पूर्व एवं पश्चात दी जा रही निःशुल्क सुविधाएं, हड़कों से 3400 करोड़ रू. का ऋण लेकर चलाई जा रही गरीबों के लिए तीन वर्ष में दस लाख पक्के मकान बनाने की मुख्यमंत्राी बी.पी.एल आवास योजना, अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी, मुख्यमंत्राी अन्न सुरक्षा योजना, राजस्थान लोक सेवाओं के प्रदान करने की गांरटी एक्ट-2011 आदि जन कल्याणकारी महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि राजस्थान के मुख्यमंत्राी श्री अशोक गहलोत की पहल पर प्रदेश में बी.पी.एल. परिवारों को गंभीर रोगों के ईलाज के लिए मदद की जा रही है और उन पर होने वाले समस्त खर्चो को राज्य सरकार वहन कर रही है। ऐसा कार्य देश में किसी अन्य राज्य में नहीं हो रहा है। प्रदेश के बी.पी.एल. परिवार, मुख्यमंत्राी की इस योजना का भरपूर फायदा ले रहे हैं और पीड़ितों को इससे काफी राहत मिल रही है।
श्री बिस्सा ने बताया कि राज्य सरकार के सभी सूचना कार्यालयों को हाईटेक बनाया जा रहा है और समय की मांग के अनुरूप इन कार्यालयों को आधुनिक तकनीकी साधन-सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है।
